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जिनके घरों में मनपसंद भोजन की थाली सजी रहती है, वह कतार में लगकर ले रहे खाना
उज्जैन।जिन पुलिस जवानों की कोरोना पाजिटिव मरीज के क्वारेंटाइन क्षेत्र घोषित इलाकों में ड्यूटी लगी है .
वह ड्यूटी समाप्ती के बाद अपने घर न लौटते हुए होटल में ठहरे हैं यह वे जवान हैं जिनके घरों में परिवारजन ड्यूटी से लौटने पर मनपसंद भोजन की थाली सजाकर रखते हैं, लेकिन आज देश भक्ति और जनसेवा की शपथ को चरितार्थ करने के लिये कतार में लगकर खाना ले रहे हैं। इनके मन में एक ही ध्येय हैं कोरोना वायरस का शहर से समूल विनाश और लोगों की जान की रक्षा।
खुश किस्मत हैं शहरवासी जो लॉकडाउन और कफ्र्यू के बीच भी घरों में रहकर मनपसंद भोजन करने के साथ चैन की नींद सो रहे हैं, अपने मनमाफिक काम कर रहे हैं, जबकि इसके ठीक उलट कुछ ऐसे कोरोना योद्धा भी हैं जिन्होंने क्वारेंटाइन क्षेत्र में ड्यूटी लगते ही घर जाना छोड़ दिया।
भोजन और रहन सहन की बात करें तो वे कतार में लगकर पुलिस लाइन से मिलने वाला भोजन लेकर खा रहे हैं और होटल में रह रहे हैं। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित होटल में ठहरे क्वारेंटाइन क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले पुलिस जवान सुबह पुलिस लाइन से आये कड़ी, चावल और रोटी अपने-अपने टिफिन में ले रहे थे।
उनसे बातचीत की तो बताया कि परिवार के फर्ज से बढ़ी हमारी ड्यूटी है। ऐसी ड्यूटी तो किस्मत वालों को मिलती है। नौकरी ज्वाइन करने पर देश भक्ति और जनसेवा की शपथ ली थी आज उसे चरितार्थ करने का मौका मिला है, भोजन और आराम तो जिंदगी भर करते रहेंगे आज देश की राह में फर्ज निभाने का अवसर है।
अपना नाश्ता, भोजन गरीबों को
शहर के विभिन्न चौराहों पर लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिये पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें अधिकांश पुलिसकर्मी ऐसे हैं जिनके निवास भी शहर में ही हैं। ड्यूटी पर आने से पहले उक्त पुलिसकर्मी घर से चाय, नाश्ता करके आते हैं।
ड्यूटी के दौरान पुलिस लाइन से उन्हें चाय, नाश्ता, भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कुछ ऐसे पुलिस जवान भी हैं जो अपने हिस्से का नाश्ता और भोजन जरूरतमंदों को प्रतिदिन देते हैं। उनका कहना है कि हम तो घर लौटकर खा लेंगे, लेकिन गरीबों को भोजन मिलना भी जरूरी है।